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खबर का पूरा असर: धान खरीदी की राशि आहरण में अव्यवस्था : कोरबा सीसीबी के शाखा प्रबंधक अजय साहू निलम्बित

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संतोष दीवान- कोरबा

खबर का पूरा असर: किसान परेशान: कौन सुनेगा किसको सुनाएं…इसलिए चुप रहते हैं नामक शीर्षक से SHANTA NEWS पोर्टल में खबर को प्रमुखता से वायरल किया गया था। समाचार वायरल होने के कुछ ही देर बाद कलेक्टर रानू साहू ने किसानों के बोले बिना ही उनकी समस्याओं को सुन ली और मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वतः संज्ञान लेकर जाँच के निर्देश दिए थे।

आज जाँच पूरी होने के बाद मामले में बैंक के सीईओ द्वारा आदेश जारी कर प्रभारी शाखा प्रबंधक अजय साहू को निलंबित कर दिया गया है।

ये है कलेक्टर पीआरओ से जारी समाचार-

कोरबा के जिला सहकारी बैंक में किसानों को अपने ही खातों से राशि निकालने में अव्यवस्था पर प्रभारी शाखा प्रबंधक को निलंबित कर दिया गया है। कलेक्टर की अनुशंसा पर बैंक के सीईओ ने इस संबंध में आदेश भी जारी कर दिया है। उल्लेखनीय है कि जिला सहकारी बैंक कोरबा में किसानों द्वारा अपने ही खातों से राशि निकालने में असुविधा और नियम विरुद्ध राशि वसूली की शिकायत मिली थी। कलेक्टर रानू साहू ने शिकायत को गम्भीरता से लेते हुए जांच कराई थी। अब शाखा प्रबंधक अजय कुमार साहू को निलंबित कर दिया गया है। अजय साहू का मूल पद सहायक लेखापाल है और वे कोरबा सहकारी बैंक में प्रभारी शाखा प्रबंधक के पद पर कार्यरत है। निलंबन अवधि में अजय साहू का मुख्यालय में जिला सहकारी केंद्रीय बैंक बिलासपुर नियत किया गया है।

कलेक्टर श्रीमती साहू ने किसानों की सहूलियत के लिए जिला सहकारी बैंक की सभी छह शाखाओं में राशि आहरण की मॉनिटरिंग के लिए नोडल अधिकारी भी तैनात किए है। सभी अनुविभागीय राजस्व अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्र की जिला सहकारी बैंक की शाखाओं में दिनवार अधिकारियों को मॉनिटरिंग के लिए जिम्मेदारी सौपी है। कार्य दिवसों में हफ्ते में कम से कम एक दिन तहसीलदार स्तर के अधिकारी भी सहकारी बैंकों की शाखाओं का निरीक्षण कर रहे हैं । इस दौरान अधिकारी बैंकों में लेनदेन केे ग्राहकों के बीच कोविड प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित कराने की व्यवस्थाओं की जानकारी भी ले रहे है । किसी भी तरह की अवैध वसूली या अव्यवस्था पर नोडल अधिकारी निगरानी रख रहे है।

कलेक्टर श्रीमती साहू ने बैंक अधिकारियों-कर्मचारियों को सख्त हिदायत भी दी है कि किसानों के खातों से उन्हीं की राशि आहरण में अनियमितता, लापरवाही या वसूली जैसी शिकायतों पर जांच कर कठोर कार्रवाई की जायेगी। कलेक्टर ने बैंक के अधिकारियों सहित संबंधित तहसीलदारों और अनुविभागीय राजस्व अधिकारियों को भी निर्देशित किया कि अपने-अपने क्षेत्र में बैंकों का लगातार निरीक्षण करें। किसी भी बैंक में किसानों को अपने ही खाते से राशि आहरण के लिए कोई परेशानी न हो।

कलेक्टर की सलाह, किसान बैंक परिसर में ही गिनकर लें पूरी राशि*- कलेक्टर ने जिले के किसानों को भी सलाह दी है कि वे बैंक से राशि आहरण के लिए किसी भी प्रकार की कोई अतिरिक्त राशि किसी भी व्यक्ति को न दें। बैंक से राशि आहरण के बाद बैंक काउंटर पर ही सावधानी से गिनकर पूरी राशि मिलने की तकसीद करें और राशि कम होने पर तत्काल कैशियर या बैंक मैंनेजर से शिकायत कर पूरी राशि प्राप्त करें। कलेक्टर ने यह भी सलाह दी है कि नोटों की गड्डियों में कम नोट निकलने पर गड्डी के उपर लगी पर्ची को फाड़कर न फेंकें। नोट की गड्डी को तत्काल पर्ची सहित कैशियर या बैंक मैनेजर को लौटाकर पूरी राशि वाली गड्डी लेवें।

उल्लेखनीय है कि कोरबा जिले में सहकारी बैंक की छह शाखाएं कार्यरत हैं। इन छह शाखाओं कटघोरा, कोरबा, दीपका, पाली, पोड़ीउपरोड़ा और बरपाली के तहत लगभग 55 आदिम जाति सहकारी समितियों के माध्यम से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की जा रही है। धान की राशि इन्हीं शाखाओं में किसानों के खातों में जमा होती है।


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