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कलेक्टर की पहल पर कर्नाटक में फंसे मजदूर सकुशल घर वापसी के लिए हुए रवाना, रविवार सुबह पहुंचेंगे कोरबा

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संतोष दीवान- कोरबा

कलेक्टर रानू साहू की पहल पर कर्नाटक में फंसे कोरबा जिले के सात मजदूरों की कोरबा वापसी हो रही है। मजदूर शुक्रवार रात ट्रेन से अपने घर वापसी के लिए रवाना हो चुके हैं। सभी सातों मजदूर रविवार सुबह कोरबा पहुंचेंगे। अजगरबहार, लेमरू क्षेत्र के आदिवासी मजदूर काम के सिलसिले मेेेें कर्नाटक राज्य के बैंगलोर में ठेकेदार के चंगुल में फंस गये थे। मजदूरों के रिश्तेदारों ने कलेक्टर के समक्ष कोरबा जिला वापसी के लिए निवेदन किया था। मामले को तत्काल संज्ञान में लेते हुए कलेक्टर ने श्रम विभाग के अधिकारियों को मजदूरों को कोरबा लाने के लिए निर्देशित किया था। श्रम विभाग के अधिकारियों ने बैंगलोर के श्रम आयुक्त से संपर्क कर मजदूरों को ठेकेदारों से छुड़वाने का प्रयास किया। श्रम विभाग और पुलिस के समन्वय से ठेकेदारों से सभी मजदूरों को छुड़वाया गया साथ ही मजदूरों की मजदूरी भी दिलाई गई। मजदूरों को कोरबा भेजने के लिए यशवंतपुर रेल्वे स्टेशन पहुंचाया गया। सभी मजदूर शुक्रवार रात 11 बजे यशवंतपुर-कोरबा ट्रेन से बैंगलोर से कोरबा के लिए रवाना हो चुके हैं जो रविवार की सुबह लगभग 4.30 बजे कोरबा पहुंचेंगे।

प्रभारी सहायक श्रम आयुक्त राजेश आदिले ने बताया कि एक माह पहले अजगरबहार लेमरू क्षेत्र के विशेष पिछड़ी जनजाति के ग्रामीण बोरवेल कंपनी में काम करने के लिए कर्नाटक राज्य के बैंगलोर गये थे। इन मजदूरों में विकासखंड कोरबा के ग्राम पंचायत अजगरबहार दलदली मोहल्ला के निवासी जोतराम बिरहोर, भवन राम बिरहोर, लेमरू के रामसिंह, दिलीप कुमार कोरवा, सिखाउराम, पुसाउराम कोरवा एवं देवपहरी के पुन्नीराम बिरहोर शामिल हैं। अजगरबहार निवासी शुकवारो बाई एवं ईतवारिन बाई ने कलेक्टर के समक्ष दिए अपनी आवेदन में बताया कि उनके बच्चों को ग्राम बांधापाली के सुभाष केंवट के द्वारा काम का लालच देकर कर्नाटक ले जाया गया है। कलेक्टर के निर्देश पर श्रम विभाग के अधिकारियों ने ठेकेदार सुभाष केंवट से संपर्क कर मजदूरों के बारे में जानकारी लिया। सुभाष केंवट ने मजदूरों को अन्य बोरवेल गाड़ी के साथ काम करने जाना बताया। कड़ी पूछताछ करने पर ठेकेदार सुभाष ने बोरवेल कंपनी में संलग्न मजदूरों के बारे में जानकारी दिया। बैंगलोर के श्रम आयुक्त से मजदूरों की स्थिति के बारे में पता किया गया। 19 जनवरी को मजदूरों का माण्डया जिले के केरपेट में होने की सूचना प्राप्त हुई। सूचना प्राप्त होने पर अविलंब मैसूर के श्रम आयुक्त से संपर्क किया गया। श्रम आयुक्त ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। बालको के थाना प्रभारी ने माण्डया के थाना प्रभारी से समन्वय कर ठेकेदार से संपर्क कर मजदूरों को पेश करने के लिए कहा। माण्डया थाने के द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए मजदूरों को सकुशल ठेकेदार से छुड़ाया गया। संबंधित ठेकेदार को भी तलब कर मजदूरों की मजदूरी दिलाई गई। तत्पश्चात मजदूरों को कोरबा रवाना करने के लिए यशवंतपुर स्टेशन भेजा गया। जहाँ से सभी मजदूर ट्रेन से कोरबा के लिए रवाना हो चुके हैं।


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