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कोरबा न्यूज़

सरकारी चाँवल है खराब…. इस बार चला लो अगली बार देखेंगे,कंकड़ मिश्रित चाँवल खा नही पा रहे हितग्राही।

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संतोष दीवान –

कोरबा। 15.01.2022 / खाद्य नागरिक आपूर्ति निगम से कंकड़ और कनकी मिश्रीत चावल हितग्राहियो को बांटा जा रहा है। गुणवत्ताहीन चाँवल को हितग्राही खाने में उपयोग नही कर पा रहे, खराब चाँवल की बात संबंधित अधिकारियों को बताने पर कहा जाता है इस बार चला लो अगली बार देखेंगें।
ये बात हम नही बल्कि सम्बंधित क्षेत्र के सोसायटी संचालक कह रहे हैं। आपको बता दें कोरोना काल लगने के बाद सरकार हितग्राहियों को एक रुपये किलो की दर से मिलने वाले चाँवल को मुफ्त में वितरण कर रही है। वर्तमान में कई क्षेत्रों से खराब चाँवल वितरण करने की शिकायत आ रही है वहीं वार्ड क्रमांक 47 के अंतर्गत आने वाले ग्राम बरेडीमुड़ा के हितग्राहियों को आबंटित किया गया चाँवल कंकड़ मिश्रित होने के साथ ही गुडवत्ताहीन है इस वजह से ग्रामीण चाँवल को खा नही पा रहे, इस मामले में हितग्राही कैमरे के सामने बोलने से कतरा रहे हैं, ऑफ रिकार्ड हितग्राहियों का कहना है कि गुणवत्ताहीन चाँवल देने के बजाय सरकार इस सिस्टम को ही बंद कर दे तो अच्छा है, उनका कहना है कि खाने के हर एक निवाले में कंकड़ भर होता है इस कारण खा नही पाते। बीते दिनों कई क्षेत्रों से पाखड़ चाँवल वितरण करने की शिकायत सामने आने के बाद जिलाधीश ने जाँच कार्यवाई कर खराब चाँवल को संबंधित राइस मिलर्स को वापस कर गुणवत्ता युक्त चाँवल देने की शख्त हिदायत दिया गया था। इसके बाद कुछ स्थानों में चाँवल को वापस भी किया गया। बावजूद इसके अभी भी कई सोसायटियों में गुणवत्ताहीन चाँवल वितरण कर दिया गया। भोलेभाले हितग्राहियों ने चाँवल तो ले लिया पर उसको खा नही पा रहे। इस संबंध में जब बरेडीमुडा सोसायटी संचालक समार दास मानिकपुरी से पूछा गया तो उनका कहना है कि चाँवल तो खराब आया है इस बारे में अधिकारियों को अवगत कराया गया तो उनका कहना है कि इस बार चला लो अगली बार देखेंगे। जब जिम्मेदार अधिकारी ही इस तरह की बात करेंगे तो आप खुद अंदाजा लगा सकते हैं कि ये गरीब जनता को खराब चाँवल खाने को मजबूर कर रहे हैं या नही।
अगर नही तो इन्होंने गुणवत्ताहीन चाँवल वितरण ही क्यों किया। साथ ही इस बार चला लो कहने का अर्थ क्या है। जब इस पूरे मामले में संबंधित क्षेत्र के अधिकारी से संपर्क किया गया तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया वही इस बारे में जानकारी लेने के लिए डीएम मैडम को भी फोन किया गया तो उन्होंने भी फोन रिसीव नहीं किया बाहर हाल गरीबों के पेट से जुड़े हुए इस मामले में प्रशासन क्या कोई ठोस कदम उठाएगा जिससे इन गरीब जनता को गुणवत्ता युक्त अनाज उपलब्ध हो सके।


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