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कोरबा न्यूज़

किसान परेशान: कौन सुनेगा किसको सुनाएं.. इसलिए चुप रहते हैं,

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जिला सहकारी केंद्रीय बैंक कोरबा के कर्मचारी लूट रहे किसानों से रकम, देखें वीडियो में क्या कह रहे किसान

विजय मेश्रम

कौन सुनेगा किसको सुनाएं.. इसलिए चुप रहते हैं, यक़ीनन यह हिंदी फिल्म की गीत के बोल हैं यह बोल उन सीधे साधे किसानों की मजबूरी पर फिट बैठती है जो अपनी समस्या भी बता नही सकते।

हम बात कर रहे हैं कोरबा जिले के उन किसानों की समस्याओं पर जो पूरा साल मेहनत मजदूरी कर धान की फसल उगाते हैं और समर्थन मूल्य पर सरकार को बिक्री करते हैं बिक्री के बाद बैंक खाता में शासन द्वारा जमा की गई धान की राशि आहरण करने वनांचल क्षेत्र लेमरू, शयांग, कोरकोमा सहित अन्य ग्राम के किसान जब पुराना बस स्टैंड के समीप स्थित जिला सहकारी केंद्रीय मर्यादित बैंक पहुंचते है तो किसानों के अशिक्षित होने का गलत फायदा उठाते हुए बैंक में कार्यरत कर्मचारियों द्वारा राशि आहरण का फार्म भरकर जल्दी पैसा दिलाने की बात कहकर किसानों से 300, 500 से 1000 रूपये तक काट लिया जाता है। बैंक कर्मचारी यह देखते हैं कि किसान कितना पैसा निकाल रहा है उसके हिसाब से अपना कमीशन राशि तय करते हैं। किसान हितैषी छत्तीसगढ़ सरकार किसानों से समर्थन मूल्य में धान खरीदी कर उनका आर्थिक स्तर को मजबूत बनाने में जुटी है तो वहीं सरकार की छवि को धूमिल करने की मंशा से बैंक कर्मचारियों द्वारा अपना कमीशन काटकर किसानों को पैसा देते हैं।

किसान बताते हैं कि किसानों की मेहनत के रुपयों को लूटने का खेल प्रतिवर्ष होता है लेकिन मजबूर किसान इसकी शिकायत नही कर पाते और इसी बात का फायदा बैंक में बैठे कर्मचारी उठाते चले आ रहे हैं। किसान के इस वायरल वीडियो मामले में जिला प्रशासन व बैंक अधिकारी क्या कोई संज्ञान लेंगे?

वर्शन- एम के जोशी (नोडल अधिकारी जिला सहकारी बैंक कोरबा) इस मामले में मेरा वर्शन नही रहेगा बैंक मैनेजर से पूछिए।

वर्शन- अजय साहू (मैनेजर जिला सहकारी केंद्रीय मर्यादित बैंक पुराना बस स्टैंड कोरबा) किसानों से ऐसी कोई शिकायत नही मिली है सब का दिन तय है इसी के हिसाब से किसान बैंक आकर पैसा ले जाते हैं शिकायत मिलने पर कार्यवाई की जाएगी।

 

 


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