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वक्फ बोर्ड का निर्देश निंदनीय, ईद पर जुलूस निकालने की अनुमति दे राज्य सरकार : मो. न्याज

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जिला कोरबा /भारतीय जनता पार्टी सहकारिता प्रकोष्ठ के सह संयोजक मो. न्याज नूर आरबी ने ICH में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में रोष व विरोध व्यक्त करते हुए कहा कि मुस्लिम समाज पूरे विश्व में इस्लाम धर्म के पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब(स.अ.व.) के पैदाइश दिन को बड़े ही शानो शौकत व सादगी पूर्वक तरीके से दशकों दशक से पीढ़ी दर पीढ़ी मनाते आ रहे हैं। विगत दिनांक 11.10.2021 को पत्र क्रमांक/प्रशा./1374/2021 कार्यालय छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड (छ.ग. शासन) द्वारा राज्य के सभी जिला कलेक्टर को ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर जिला प्रशासन के स्तर से जुलूस निकालने जलसा आयोजित करने आदि जैसे सामूहिक गतिविधियों की अनुमति न दी जाए कोविड-19 से बचाव हेतु पत्र जारी किया गया था। जबकि राज्य वक्फ बोर्ड का कार्य वक्फ बोर्ड की संपत्तियों की निगरानी करना है, ना कि पूरे मुस्लिम समाज की ठेकेदारी करना। वक्फ बोर्ड समाज की नुमाइंदगी व रहनुमाई नहीं करता।

राज्य वक्फ बोर्ड के द्वारा प्रशासन को भ्रम में रखते हुए दिया गया निर्देश निंदनीय है, इसकी हम कड़े शब्दों में मुखालिफत करते हैं व पुरजोर विरोध करते हैं। इस तरीके से आदेश सर्कुलर जारी करना किसी भी परिस्थिति में सही नहीं था। उसी सर्कुलर का पालन करते हुए विभिन्न जिलों में कलेक्टरों के द्वारा अनुमति नहीं दी जा रही है। इसकी भी हम भरपूर निंदा करते हैं। इस कोरोना काल की समाप्ति के बाद देश व प्रदेश के विभिन्न त्योहार आयोजित किए गए हैं, जिसमें गणेश चतुर्थी, दुर्गा पूजा, नवरात्रि, दशहरा, गरबा रास, कवर्धा कांड के खिलाफ प्रदर्शन, अग्रसेन जयंती का जुलूस बहुत सौहार्द्र पूर्ण वातावरण में अच्छे से बिना किसी व्यवधान के जिला प्रशासन के संरक्षण में संपन्न हुआ। इन सभी आयोजनों में कोविड-19 बीमारी नहीं बड़ी। मुस्लिम समाज के वर्षभर में एकमात्र जुलूस जो कई जमाने से निकाला जा रहा है, उसमें कोविड-19 बीमारी बढ़ने की संभावना जताते हुए अनुमति ना देने का फैसला राज्य सरकार के वक्फ बोर्ड की जारी आदेशों के परिपालन के नाम से प्रदेश के सभी जिला प्रशासन गलत आदेश जारी कर रहे है जो कि किसी भी दृष्टिकोण से जायज नहीं है। जिसके कारण मुस्लिम समाज के लोगों में भरपूर रोष व्याप्त हो गया है।

आज विगत 3 वर्षों से छत्तीसगढ़ में कांग्रेस पार्टी की सरकार है, जबकि मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है, जहां के यशस्वी मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान जी ने मध्य प्रदेश के संपूर्ण 52 जिलों में जुलूस निकालने की अनुमति दी है एवं जिला प्रशासन को आदेश दिया है कि सभी प्रकार के जुलूस में आने वाले व्यवधानो को दूर किया जाए, साफ-सफाई, पेयजल, उचित सुरक्षा एवं सभी प्रकार की व्यवस्था की जाए।

वहीं दूसरी ओर छत्तीसगढ़ सरकार में बैठी कांग्रेस पार्टी जो अपने आप को मुस्लिम समाज का हमदर्द व नुमाइंदा बताती है उसने मुस्लिम समाज के निकलने वाले जुलूस जलसा में प्रतिबंध लगा दिया है जो कांग्रेस पार्टी की दोहरे चरित्र को उजागर करता है। राज्य वक्फ बोर्ड व छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा किए जा रहे इस कृत्य कि हम घन घोर निंदा करते हैं और मुसलमानों को इस बात से सबक लेना चाहिए कि कांगेस पार्टी के पिछलग्गू होकर जो घूमते हैं आज वह भाजपा व कांग्रेस पार्टी के द्वारा चलाए हुए सरकार की तुलना कर समझें कि किसका शासन मुस्लिम समेत सर्व समाज के लिए बेहतर व उपयुक्त है। 15 वर्ष तक भारतीय जनता पार्टी की डॉ रमन सिंह जी के सफल नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में सरकार रही है जिसमें पूरा छत्तीसगढ़ अमन का टापू बनकर रहा। एक भी मुसलमान को रमन सिंह जी की सरकार से कभी भी शिकायत नहीं रहा।

जो श्री भूपेश बघेल जी की छत्तीसगढ़ में सरकार लगभग 3 वर्षों से चल रही है जिससे मुस्लिम समाज के सबसे बड़े त्यौहार निकलने वाले जुलूस जलसा व अन्य सामाजिक कार्यक्रम करने की पहले जैसी व्यवस्था बनाने के बजाय राज्य वक्फ बोर्ड के द्वारा गलत तरीके से रीति रिवाज के तहत त्यौहार मनाने ना पावे इसके लिए षड्यंत्र रूपी आदेश सभी जिला प्रशासन को जारी किया गया। जिससे मुस्लिम समाज में इस मौजूदा सरकार के खिलाफ विरोध बढ़ रहा है, वह समाज अपने आप को अलग-थलग भी मानते हुए ठगा हुआ महसूस कर रहा है।

छत्तीसगढ़ सरकार से निवेदन है कि मुस्लिम समाज के सबसे बड़े त्यौहार में निकलने वाले जुलूस जलसा व अन्य सामाजिक कार्यक्रम करने की पहले जैसी व्यवस्था बनाने के लिए जिला प्रशासन को आदेश जारी करने का कष्ट करें, जिससे छत्तीसगढ़ में अमन शांति व राज्य का प्रेम भाव व सामाजिक समरसता बनी रहे।


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